चील अस्थि (Os sphenoidale)
केवल शैक्षिक सामग्री — चिकित्सकीय सलाह नहीं।
शरीर रचना
कपाल आधार के केंद्र में तितली-आकार अयुग्म अस्थि: इसका तना स्फेनॉइड साइनस और पिट्यूटरी ग्रंथि धारक सेला टर्सिका रखता है; बड़े और छोटे पंख सुपीरियर ऑर्बिटल फिशर बनाते हैं जिसमें से III, IV, VI तंत्रिकाएँ व V1 गुजरती हैं, जबकि ऊपरी ऑप्टिक कैनल से ऑप्टिक नर्व व ऑफ्थैल्मिक आर्टरी गुजरती है।
नैदानिक टिप्पणियाँ
पिट्यूटरी ट्यूमर सेला बढ़ाकर ऊपरी काइएस्मा दबाते हैं, जिससे बाइटेम्पोरल विज़ुअल फील्ड हानि; ट्रांसस्फेनॉइडल सर्जरी नाक से साइनस होकर जाती है।
संबंधित संरचनाएँ
शैक्षिक संदर्भ
सामान्य प्रश्न
चील अस्थि शरीर में क्या काम करती है?
कपाल आधार के केंद्र में तितली-आकार अयुग्म अस्थि: इसका तना स्फेनॉइड साइनस और पिट्यूटरी ग्रंथि धारक सेला टर्सिका रखता है; बड़े और छोटे पंख सुपीरियर ऑर्बिटल फिशर बनाते हैं जिसमें से III, IV, VI तंत्रिकाएँ व V1 गुजरती हैं, जबकि ऊपरी ऑप्टिक कैनल से ऑप्टिक नर्व व ऑफ्थैल्मिक आर्टरी गुजरती है।
चील अस्थि का नैदानिक महत्व क्या है?
पिट्यूटरी ट्यूमर सेला बढ़ाकर ऊपरी काइएस्मा दबाते हैं, जिससे बाइटेम्पोरल विज़ुअल फील्ड हानि; ट्रांसस्फेनॉइडल सर्जरी नाक से साइनस होकर जाती है।
स्रोत और लाइसेंस
Derived from Z-Anatomy (Gauthier Kervyn et al.), CC BY-SA 4.0 (https://creativecommons.org/licenses/by-sa/4.0/); upstream geometry from BodyParts3D, © The Database Center for Life Science. लाइसेंस विवरण