L1 (पहली कटिष्ठ वांशका) (Vertebra lumbalis prima)

परत: हड्डियाँ

केवल शैक्षिक सामग्री — चिकित्सकीय सलाह नहीं।

शरीर रचना

L1, पाँच विशाल कटिष्ठ वांशकाओं में पहली जो धड़ का भार उठाती हैं: चौड़ा वृक्काकार तना, कुल्हाड़ीनुमा क्षैतिज स्पाइनस प्रोसेस और पतली अनुप्रस्थ प्रोसेस। इसके नीचे मेरुरज्जु कोनस मेडुलैरिस रूप में लगभग L1-L2 पर समाप्त होती है; कटिवेधन इससे नीचे किया जाता है, कभी इस स्तर पर नहीं।

नैदानिक टिप्पणियाँ

L1 स्तर का कटिष्ठ हर्नियेशन L2 जड़ दबा सकता है, जिससे जाँघ के अगले हिस्से व कुम्ह का (फीमोरल) दर्द होता है, न कि निचले स्तरों की घुटने के नीचे साइएटिका।

संबंधित संरचनाएँ

शैक्षिक संदर्भ

सामान्य प्रश्न

L1 (पहली कटिष्ठ वांशका) शरीर में क्या काम करती है?

L1, पाँच विशाल कटिष्ठ वांशकाओं में पहली जो धड़ का भार उठाती हैं: चौड़ा वृक्काकार तना, कुल्हाड़ीनुमा क्षैतिज स्पाइनस प्रोसेस और पतली अनुप्रस्थ प्रोसेस। इसके नीचे मेरुरज्जु कोनस मेडुलैरिस रूप में लगभग L1-L2 पर समाप्त होती है; कटिवेधन इससे नीचे किया जाता है, कभी इस स्तर पर नहीं।

L1 (पहली कटिष्ठ वांशका) का नैदानिक महत्व क्या है?

L1 स्तर का कटिष्ठ हर्नियेशन L2 जड़ दबा सकता है, जिससे जाँघ के अगले हिस्से व कुम्ह का (फीमोरल) दर्द होता है, न कि निचले स्तरों की घुटने के नीचे साइएटिका।

स्रोत और लाइसेंस

Derived from Z-Anatomy (Gauthier Kervyn et al.), CC BY-SA 4.0 (https://creativecommons.org/licenses/by-sa/4.0/); upstream geometry from BodyParts3D, © The Database Center for Life Science. लाइसेंस विवरण